aap ki Kalam

‘बेकार है’

जो जहां से है, वहीं जाएगा तुम्हारी उसपर पहरेदारी बेकार है। तुम पकड़कर रोक लोगे…

शहादत

आज फिर लाशों का ढेर देखा… किसी की टूटती चूड़ियों को देखा किसी की कोख…

“माँ”

नैनों का दर्पण देखों, आँखों से ओझल सपने, दे दिए तुझको सारे , नैनों के…