क्योंकि वो लड़की है ना तो कुछ कह नहीं पाती है….

क्योंकि वो लड़की है ना तो कुछ कह नहीं पाती है….

क्योंकि वो लड़की है ना तो कुछ कह नहीं पाती है….

शादी के सपने तो हर लड़की बचपन से मन में सजाती है….

कि एक दिन वो भी सजधज कर डोली मे बैठ अपने पिया के घर चली जाएगी…

बचपन के सजाये ये सपने सोच तक ही खूबसूरत और आकर्षक रह जएंगें…

असल में जब इन्हें हकीकत में बदलने की बात आती है  ना तो लड़की डर सी जाती है….

जब उसके कान में पहली बार शादी की बात आती है ना तो उसकी धड़कने बढ़ जाती है…

अगर लड़की महज़ अभी-अभी अपने बचपन की शरारतों से जवानी की दहलीज़ पर कदम रख ही रही हो… तो उसकी तो खुशियां ही गुम हो जाती हैं…

एक पल में वो शादी के रंगीन सपने बेरंग से नज़र आने लग जाते हैं…..

दोस्ती… यारी… घूमना फिरना…. आज़ादी जैसे हाथ से रेत की तरह फिसलने लग जाती है….

वो लड़की है ना तो कुछ कह नहीं पायेगी

क्योंकि वो लड़की है ना तो कुछ कह नहीं पाती है….

उसके  भी कुछ सपने होते हैं

वो भी खुद की पहचान बनाना चाहती है

पर अब वो अपने सारे सपने कुर्बान करने को तैयार हो जाती है…

रोती है… बिलखती है… पर किसी से कुछ कह भी नहीं पाती है…

क्योंकि पापा की अब उम्र हो चली है…. उनके भी बिटिया के कन्यादान  और शादी को लेकर बड़े अरमान हैं….

तो बस बिटिया भी उनकी समझदार बनने की कोशिश करने लग जाती है…

जो पापा उसकी आंखो से खुशी और गम के आंसू पल में पहचान लेते थे आज बिटिया की नम आंखे भी उन्हें नज़र नही आ रही हैं…

जो पापा बिटिया रानी को नाज़ों से पल्कों पर बिठा कर रखते थे…. आज उसकी खुशी समझ ही नहीं पा रहे हैं…

वो बेचारी भी मजबूर हो जाती है…

क्योंकि उसके लिए परिवार की खुशी सबसे पहले आ जाती है…

रोती है… बिलखती है… पर किसी से कुछ कह भी नहीं पाती है…

घरवालों की खुशी में वो भी अपनी खुशी तलाशने की कोशिश करने लग जाती हैं…

देखते-देखते ढ़ूढ़ लाये रिश्ता एक करोड़पति घर के एकलौते लड़के का…

पर क्या पूछा उसके दिल से कि आखिर वो क्या चाहती है…

उसके कुछ भी बोलने पर मां समझाती कि पैसे वाला है… एकलौता है…. पढ़ा लिखा है….बंगला है… गाड़ी है… करोड़ों का मालिक है….

अरे सोच तो लेते कि अगर होगा उसकी किस्मत में तो सब कुछ मिल ही जाता….

तो इन सबकी क्या है इतनी जल्दी

पर लड़की है ना तो खामोश ही रह जाएगी…

क्योंकि वो लड़की है ना तो कुछ कह नहीं पाएगी …

ज़िंदगी में दूसरों के लिए लड़ने वाली लड़की आज खामोश और बेबस रह जाएगी 

वो लड़की है ना तो कुछ कह ही नही पायेगी

लेखिका : सोनम गुप्ता

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