लखनऊ में नियुक्ति प्रक्रिया मामले में बड़ी धांधली का मामला आया सामने, जानें क्या है पूरा मामला

लखनऊ – लखनऊ विकास प्रधिकरण में हुई नियुक्ति में धांधली की सुगबुगाहट पूरे परिसर में है। जिसके तहत अपने पद पर होते हुए भी काम नहीं करने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की विभागीय पदोन्नति कर दी गयी। आरोप है कि पदोन्नति पाने वाले ये आठ चतुर्थश्रेणी कर्मचारी वही कर्मचारी हैं जो कि अधिकारियों के चहीते रहे और उनकी अनुकम्पा से कम्प्यूटर टाइपिंग भी सीख कर परीक्षा भी पास कर ली और मजे की बात ये है कि एक दिन के लिए आयोजित हुई परीक्षा में आठों पास भी हो गए।

परिणाम भी शाम तक आ गया जोईनिग लेटर भी उसी दिन दे दिया गया। चतुर्थ श्रेणी संवर्ग के ये कर्मचारी एलडीए के विभिन्न कार्यलयों में जमे हुए थे। वहीं एलडीए प्रसाशन का कहना है कि इस नियुक्ति में पारदर्शिता बरती गई है। एलडीए सूत्रो के मुताबिक पिछले सप्ताह विभागीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियो की पदोन्नति के लिए आवेदन निकाला गया था जिसमें आठ पदों पर भर्ती होनी थी। तकरीबन 26 लोगों ने आवेदन भी किया। अलीगंज के आईटीआई सेंटर पर लिखित परीक्षा भी हुई। शाम तक रिजल्ट भी आ गया।

रिजल्ट में उन्ही आठ लोगों को पास कराया गया, जो कि पूर्व में कई सालों से अपने चतुर्थ श्रेणी के पदों पर रहकर एलडीए के विभिन्न विभागों में अभिकारियो की अनुकम्पा पर कंपीयूटर आपरेटर का काम करते थे। उसी दिन इन्हें ज्वाइनिंग लेटर भी दे दिया गया। इस नियुक्ति प्रक्रिया में दिव्यांग को भी दरकिनार किया गया।

सूत्रो का कहना है कि यह पूरा खेल अधिकारियो ने अपने लोगों को नियुक्त करने के लिए रचा। हलाकि एलडीए सचिव मंगला प्रसाद ने बताया कर्मचारियो की नियुक्ति पारदर्शी हुई है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने नियुक्ति प्रक्रिया को सराहा है। इसके अलावा उन्होंने कहा की फेल होने वाले कर्मचारियों से उन्होंने उनके मुताबिक परीक्षा करने को कहा है.

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