हिन्दी सिनेमा का वो सितारा जिसने खुद को शो मैन कहलवाया

बॉलीवुड के बेहतरीन एक्टर, प्रोड्यूसर और डायरेक्टर राज कपूर भले इस दुनिया को अलविदा कह चुकें हो. परंतु आज भी उनका नाम फ़िल्म इंडस्ट्री में काफी प्रसिद्ध है. दुनिया उन्हें उनकी फिल्मों की वजह से याद करती है. राज 2 जून 1988 को इस दुनिया को अलविदा कह गए थे.

उन्होंने चार दशक तक हिन्दी सिनेमा पर राज किया और एक से बढ़कर एक हिट फिल्में दी. राज कपूर खुद को शो मैन ही कहलाना पसंद करते थे. नौ साल की उम्र में राज कपूर ने पहली बार कैमरे के सामने फिल्म इंकलाब में अभिनय किया. जिसके बाद उन्होंने बॉलीवुड को कई हिट फिल्में दी. जिसमें से एक फ़िल्म आवारा, अनहोनी, आह, श्री 420, जागते रहो, चोरी-चोरी, अनाड़ी, जिस देश में गंगा बहती है, छलिया इत्यादि है.

राज कपूर को अपने करियर में 11 फिल्मफेयर ट्राफियां, 3 राष्ट्रीय पुरस्कार, ‘पद्म भूषण’, ‘दादासाहेब फाल्के पुरस्कार’ और ‘फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’, इत्यादि पुरस्कारों से नवाजा गया है.

इसके अलावा उन्हें फ़िल्म ‘अनाड़ी’ और 1962 की फ़िल्म ‘जिस देश में गंगा बहती है’ के लिए बेस्ट एक्टर का फ़िल्मफेयर पुरस्कार मिला था.

बता दें कि सिर्फ एक्टिंग ही नहीं डायरेक्शन के लिए भी राज कपूर ने कई अवॉर्ड जीते. उन्हें 1965 में ‘संगम’, 1970 में ‘मेरा नाम जोकर’ और 1983 में ‘प्रेम रोग’ के लिए बेस्ट डायरेक्टर का फ़िल्मफेयर अवॉर्ड मिला था.

Please follow and like us:
error0

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *